एक टाइम ट्रेवेलर जो साल 2027 में फंस गया है, ऐसे विडियो जो दावा करते हैं की वो अब पृथ्वी पर अकेला जीवित व्यक्ति है | A Time Traveler Stuck in Year 2027, Post Bizarre Videos Claiming He is the Only Survivor on Earth in Hindi

जेवियर का रहस्य, “पृथ्वी पर एकमात्र जीवित व्यक्ति”

कुछ समय से इन्टरनेट पर एक जेवियर नाम के व्यक्ति के विडियो वायरल हो रहें हैं, जिनका दावा है की वो एक टाइम ट्रेवेलर हैं जो की साल 2027 में फंस गए हैं| अपने टिकटॉक हैंडल, @unicosobreviviente, जिसका अर्थ है “एकमात्र जीवित” के माध्यम से,

जहाँ उनके 6 मिलियन से अधिक फ़ोलोवर है वो पूरी तरह से खाली शहरो और स्थानों के विडियो पोस्ट करते हैं, जिसने पूरी दुनिया स्तब्ध कर रखा है। सच्चाई क्या है? जेवियर कैसे इस तरह के विडियो बना रहे हैं? क्या वो जो कुछ भी कह रहे हैं सच है या एक बड़े पैमाने पर रचे गए मायाजाल का धोखा|

13 फरवरी, 2027 जब यह सब कुछ शुरू हुआ

जेवियर की कहानी वालेंसिया अस्पताल में शुरू होती है जहाँ वो १३ फरवरी को जागते हैं। उनका कैप्शन बहुत कुछ कहता है: “आज 13 फरवरी, 2027 है और मैं शहर में अकेला हूं।”

वो अस्पताल के अपने कमरे से बाहर निकलते हैं और देखते हैं की अस्पताल में कोई नहीं है, वो बाहर आटे हैं और देखते हैं की सड़के पूरी तरह से खाली हैं, फुटेज भयावह है, जिसमें खाली शॉपिंग सेंटर, खड़ी कारों से सजी सड़कें और जीवन के किसी भी संकेत से रहित समुद्र तट है। 

इस शुरुआती वीडियो ने 11.1 मिलियन से अधिक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है, जिससे वे वास्तविकता की सीमाओं पर सवाल उठाने लगे हैं।

देखें विडियो

आलोचनाएँ: रेत पर पैरों के निशान

जैसे-जैसे जेवियर के वीडियो ने लोकप्रियता हासिल की, संशयवादी लोग सामने आए, जो सुराग के लिए हर फ्रेम की जांच कर रहे थे। कुछ लोगों ने समुद्र तट पर स्पष्ट पैरों के निशान की ओर इशारा किया, जो मानव उपस्थिति का एक सूक्ष्म संकेत है। 

अन्य लोगों ने अकाट्य सबूत की मांग करते हुए उनसे फुटेज की प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए स्क्रीन रिकॉर्डर का उपयोग करने का आग्रह किया।

कुछ लोगो ने कहा की वो लाइव विडियो बनाये जिससे की उनकी सच्चाई को साबित किया जा सके|

सहायता की गुहार

जेवियर ने अपने फौलोवर से मदद की गुहार की है वो कहते हैं “मुझे आपकी मदद की जरूरत है। कमेंट्स में नाम बताएं जो आपको लगता है कि मेरी मदद कर सकते हैं,” उन्होंने विनती की। 

इसके बाद के फुटेज उस दुनिया के बिल्कुल विपरीत हैं जिसे हम जानते हैं – खाली गलियारे और ऐतिहासिक इमारतें, जिनमें जीवन का कोई संकेत नहीं है। 

यहाँ तक की उन्होंने गूगल असिस्टेंट से भी पूछा की आज कौन सा दिन है तो जवाब में साल 2027 की एक तारीख बताई गयी| उन्होंने न केवल पेरिस बल्कि लन्दन और रोम के भी विडियो पोस्ट किये हैं जहाँ मनुष्यों का नामो निशान नहीं है|

क्या आप कभी कल्पना कर सकते हैं की पेरिस का एयरपोर्ट या एफिल टावर कभी मनुष्यों और पर्यटकों से खाली रह सकता है, लेकिन जेवियर ने ऐसे विडियो पोस्ट किये हैं जिनमे बिलकुल ऐसा ही दिख रहा है वो भी दिन के उजाले में|

ये सब कुछ बहुत ही रहस्यमय है, जेवियर के विडियो के कैप्शन से वो अब हताश होते हुए लग रहे हैं वो बहुत समय से विडियो बना रहे हैं और अब उनके कैप्शन अलगाव की बढ़ती भावना को दर्शाते है: “मैं मानव जीवन को खोजने की लगातार कोशिश कर रहा हूं। मैं उम्मीद खोने लगा हूँ।”

मौन की गूँज: हमारे बिना एक दुनिया

जेवियर का टिकटॉक फ़ीड एक ऐसा कैनवास बन गया है, जो एक ऐसी दुनिया की तस्वीर पेश करता है, जिसकी जीवंत धड़कनें छीन ली गई हैं।खाली फास्ट-फूड चैन से लेकर उजाड़ मॉल और राजमार्गों तक, परिचित स्थान अब एक हलचल भरे अतीत की गंभीर प्रतिध्वनि के रूप में खड़े हैं। निर्जीव परिवेश और जीवंत दुनिया के बीच का मेल जिसे हम एक बार जानते थे वह अवास्तविक से कम नहीं है।

निष्कर्ष: अज्ञात की एक झलक

जैसे-जैसे इस अकेले समय यात्री के आसपास रहस्य गहराता जा रहा है, दुनिया देख रही है और इंतजार कर रही है। क्या यह सावधानीपूर्वक आयोजित किया गया प्रदर्शन है, या जेवियर सचमुच समय में आगे निकल गए हैं? 

हालांकि संदेह बरकरार है, कोई भी उनके वीडियो के चुंबकीय आकर्षण से इनकार नहीं कर सकता। वे हमें हमारे अस्तित्व की नाजुकता और उन असीम रहस्यों पर विचार करने के लिए मजबूर करते हैं जिनका समय अभी खुलासा हो सकता है।

अंत में, चाहे सच्चाई हो या कल्पना, जेवियर की यात्रा एक स्पष्ट अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है कि वास्तविकता एक क्षणभंगुर अवधारणा है। तथ्य और कल्पना के बीच नृत्य में, वह हमें अपनी समझ की सीमाओं पर सवाल उठाने के लिए आमंत्रित करता है।

Abhishek
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